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QUANTUM THEORY IS VEDIC THEORY.

Bohr, Heisenberg and Schrödinger regularly read Vedic texts. Heisenberg stated, “Quantum theory will not look ridiculous to people who have read Vedanta.” Vedanta is the conclusion of Vedic thought…

Source: QUANTUM THEORY IS VEDIC THEORY.

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Om, om was www, Uncategorized

Om was www in Ancient era

ॐ प्राचीन दुनिया का World Wide Web Part 1

By Aman

जी हा आपने सही पड़ा ,ॐ था प्राचीन दुनिया का World Wide Web |
इससे पहले में बताऊ कैसे उससे पहले में आपको बता देता हु की आखिर World Wide Web क्या है |
अगर आप कंप्यूटर से जुड़े हुए किसी काम में है या कंप्यूटर में रूचि रखते है तो आपको पता होगा की ये क्या पर आम जनता क्या जाने |
आम भाषा में कहे तो World Wide Web आपको किसी भी वेबसाइट से जुड़ने में मदद करता है |ये एक प्रकार से कंप्यूटर का ही एक एप्लीकेशन मात्र है |

अभी आप सोचेंगे क्या प्राचीन काल में भारत के लोग कंप्यूटर और इन्टरनेट इस्तेमाल करते थे ?
जी नहीं पर कंप्यूटर और इन्टरनेट से कई आगे की चीज़ इस्तेमाल करते थे |
जिस कदर आप किसी वेबसाइट से जुड़ते है उसी कदर ॐ आपको किसी अन्य मनुष्य या इश्वर से जुड़ने में मदद करता है |
ॐ स्वयं ब्रह्माण्ड ही है ,इसको किसी तार का इन्टरनेट कनेक्शन की कोई जरुरत नहीं क्युकी ये पूरा ब्रह्माण्ड ही इसके लिए इन्टरनेट कनेक्शन की तरह काम्कर्ता है ,आप कही से भी इससे जुड़ सकते है चाहे वो अन्तरिक्ष हो ,कोई दूजा सौर मंडल हो या समुद्र की गहराई हो बस आपको इससे जुड़ना आना चाहिए जो हर किसी का काम नहीं |

इससे वाही जुड़ सकता है जिसके पास योगिक शक्तिया हो ,यानि हमारे योगी और साधू ,ऐसे तो कोई भी इससे जुड़ सकता है बस उस व्यक्ति को कुछ वर्षो तक योग सिख अपने 7तो चक्र खोलने होंगे |

ॐ तिन अक्षर से बनता है अ ,उ और म से ,ये तीनो ब्रह्मा , विष्णु और शिव को दर्शाते है यानि ये पूरा ब्रह्माण्ड दर्शाता है|

इसिकादर World Wide Web पुरे ब्रह्माण्ड नहीं पर पूरी पृथ्वी पर फैले वेब के लिए है |

ॐ भी तिन अक्षरों का और www भी

निचे चित्र देखे 

ॐ और world wide web में समानता

जिस कदर आपको कोई वेबसाइट को एक्सेस करने या जुड़ने के लिए www के आगे वेबसाइट का नाम चाहिए या पूरी लिंक चाहिए उसी प्रकार हमारे ऋषियों ने प्राचीन काल में ही ॐ का उपयोग कर कई जटिल वेबसाइट बनाये जिसे आजके क्या भविष्य के कंप्यूटर भी जुड़ नहीं सकते क्युकी ये वेबसाइट जीवित लोगो के लिए है और इससे केवल वही जुड़ सकता है जिसने योगिक सिधिया हासिल करली हो |
निचे चित्र में प्राचीन वेबसाइट का एक उधारण है |

यह केवल एक उधारण है ये बताने के लिए की प्राचीनतम वेबसाइट ठीक आज के वेबसाइट की तरह ही बनाया गया था
 
ॐ नमः शिवाय आदि कई मंत्र  भी एक वेबसाइट की तरह ही काम करते है ,ये आपको शिव या इस ब्रह्माण्ड में अन्य किसी से भी जुड़ने में मदद कर सकते है |ये साथ ही आपकी सेहत अछि करने में भी मदद करता है क्युकी पाया गया है की ये मंत्र  आपके आसपास सकारात्मक उर्जा निर्माण करता है |
आप चाहे तो ॐ नमः शिवाय के जरिये किसी दूर के रिश्तेदार से बात करले ,आप आपना बिता कल या आने वाला कल देख सकते है ,आप इससे किसी मरीज का इलाज कर सकते है ,क्युकी ये आपको इश्वर से जुड़ने में मदद करता तो है ही साथ में एक खास प्रकार की शक्ति भी देता है |

इसका एक और फायदा है की इसमें पैसे नहीं लगते |

इनकी रफ़्तार का तो क्या कहना |यदि ॐ जुड़ जाये तो इनकी रफ़्तार प्रकाश से भी कई अधिक हो जाती है ,अब विज्ञान भी मानता है की प्रकाश सबसे तेज नहीं तो ये भी हो सकता है की ॐ या ये मन्त्र रूपी वेबसाइट सबसे तेज़ हो |
आपने साधुओ को तपस्या करते देखा ही होगा ,आखिर वे क्या करते है ?
वे इन वेबसाइट रूपी मंत्रो के जरिये इश्वर से जुड़ना चाहते है ताकि वे इन्हें वरदान दे |
ये मंत्र इश्वर तक कुछ शण में ही इश्वर से जुड़ जाते है और जबतक इश्वर प्रशन्न हो पृथ्वी तक आते है कई साल बीत जाते है ,ऐसा ब्रह्म मनुष्यों को होता है क्युकी इश्वर का लोक चाहे वो ब्रह्मा लोक हो या विष्णु ,वे इस ब्रह्माण्ड के बाहर स्थित है ,इश्वर और ॐ के लिए ये दुरी सिर्फ कुछ शण की है पर पृथ्वी के समय अनुसार कुछ सौ वर्ष लगते है |
इतने में इश्वर अपने भक्त की परीक्षा भी ले लेते है |
हम लोगो को लगता था इश्वर कितनी कठिन परीक्षा लेता पर हमारे नामस्मरण या मंत्र जाप से ही वो दौड़ा दौड़ा आता है पर इसका अर्थ ये नहीं की एक बार नाम लेकर छोड़ दिया ,कुछ मेहनत तो करो |

Note : यदि आप चाहे तो इसे अपने ब्लॉग या वेबसाइट में पोस्ट कर सकते है पर आखिर में इस blog और लेखक का नाम जरुर हो ,ये पूरी तरीके से मेरी यानि अमन की खोज है

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Akashic Records

HINDUISM AND SANATAN DHARMA

Akashic Records
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Reality is a consciousness hologram. The Akashic Records refer to the matrix of consciousness programs that create our reality within that hologram. One could look upon it as a library of light wherein one can access all information.

The Akashic records (Akasha is a Sanskrit word meaning “sky”, “space” or “aether”) are collectively understood to be a collection of mystical knowledge that is encoded in the aether; i.e. on a non-physical plane of existence. The concept is prevalent in New Age discourse.

The Akashic Records are understood to have existed since the beginning of The Creation and even before. Just as we have various specialty libraries (e.g., medical, law), there are said to exist various Akashic Records (e.g., human, animal, plant, mineral, etc) encoding Universal lore. Most writings refer to the Akashic Records in the area of human experience but it is understood that all phenomenal…

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Ancient Indian marriage and Twin Star system

HINDUISM AND SANATAN DHARMA

ANCIENT INDIAN ASTRONOMICAL KNOWLEDGE AND RITUALS
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Indians knew about Antares twin star system: Nearly 5,000 to 7,000 years ago ancient Indians could recognize the 15th brightest object in the sky, the Antares twin star system.

This system was called Jeshta (in Sanskrit meaning the biggest, oldest or eldest). Now science shows us that it is the biggest star,40,000 times or more bigger than earth. In fact, this Antares was wedded into Indian tradition deeply. This 2 stars system was named Arundhati and Vasishta stars. After marriage in south India, husband and wife should go out and look at these 2 stars after wedding’s night!

And this particular Twin star system is unique. Both stars circle around each other, instead of usual one star revolving the other. So symbolically pointed out as a paradigm of marital virtue to the bride in the Hindu marriage ceremonies. Arundhati vashishta is…

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Parashurameswar temple India 

HINDUISM AND SANATAN DHARMA

The PARSHURAMESHWAR TEMPLE GUDIMALLAI Andhra Pradesh India


A Gudimallam village about 30 kms from Tirupati in the Tirupati – Sri kalahasti route near to PapaNaidupeta, has got great prominence because it has a beautiful Shiva Temple, which is popularly known as “the Parasurameswara Temple.” This is considered as the oldest Shiva temple identified so far tracing to 3rd century BC. The Lord here is known as Parasurameshwara, and this lingam is believed to depict the trinity. The legend of the temple connects it to Parasurama, an avatar (incarnation) of Lord Vishnu.

Renowned for its earliest extant sivalinga in India datable to second/third centuries B. C. the main temple consists an apsidal shrine in lower level with Ardha
Mandapam and mahamandapam in front, all facing east and each higher than the previous one. The Main entrance to the shrine is, however from the south side of Maha mandala when the walled…

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